रिजोर गॉव जनपद एटा

रिजोर गॉव उपपरगना रिजोर जनपद एटा 

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12 राजस्व गॉव 
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रिजोर, रामननर रिजोर, बक्शीपुर रिजोर, सिकंदरपुर रिजोर, मुबारिकपुर रिजोर, दत्तपुर रिजोर, उम्मेदपुर रिजोर, उम्मेरपुर रिजोर, उम्मेदपुर सेना, उम्मेदपुर भुड़िया, उम्मेदपुर, उमरायपुर रिजोर 

 सोंहार परगना  की कहानी -जनपद एटा 
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इटावा से लौट रहे तत्कालीन सुल्तान बहलोल लोदी  सल्तनत के विवरण  के लू लगने के कारण, जबकि सकीट चौहानों के अनुसार मलगॉव में (अब मलावन )चौहानों के अनुसार, चौहानों के युद्ध में घायल के कारण सोंहार में रुका तथा यही इसकी मृत्यु हो गयी. सिकंदर लोदी  सुल्तान बनने के बाद स्थित सोंहार के समीप उसका मकबरा बनबाया. किन्तु वह बरना परगना में स्थित कठिंगरा गॉव में (शाही  शिकारगाह  कुश्के  फिरोज़ी )था. से अपना राज्याभिषेक  कराकर आगरा की गद्दी संभाली. वैसे सोंहार गॉव अति प्राचीन गॉव है. कभी भीमदेव बघेल द्वारा लिखित  चालुक्य वंश "  प्रदीप "के अनुसार सोंहार की स्थापना, सोरों /अतरंजीखेड़ा  के चालुक्य शासक सेनापति द्वारा की गयी हैं. 
उम्मेदपुर -राजा उम्मेद सिंह चौहान  का गॉव 
उम्मेर पुर - राजा उम्मेर  सिंह चौहान
 दत्तपुर -राजा दत्तसिंह चौहान 
मुबारिकपुर -मुबारिक खान 
सिकंदर पुर -सिकंदर लोदी का राज्याभिषेक 
बक्शीपुर -मीर बक्शी का गॉव 
रामनगर -रामसिंह चौहान  की बसी राजधानी
रिजोर -राजा रिजोरा सिंह की नाबालिग, राजा डम्बर सिंह के भतीजे 
खुशालगढ़ -राजा खुशालसिंह की नई राजधानी, किला (1857में )
रुस्तमगढ़ -रुस्तमशाह का मकबरा, कब्र 
रामगढ़ -राजा रामसिंह का किला 
बहलोलपुर -बहलोल लोदी का निधन 
चपरई -राजा ढ़ोकल सिंह चौहान की गढ़ी (हाथी, घोड़ा रखने का स्थान )
कुल्ला हब्बीब पुर -तत्कालीनदिल्ली  सुल्तान सुल्तान बहलोल लोदी के सरदार हब्बीब खान ने कुल्ला कर दिया था. वैसे बताते हैँ की यहाँ पर कुल (उर्स, mela)
लगाया जाता था. यहाँ एक मकबरा हैँ,.मस्जिद हैँ. सकीट से 2k.m. दक्षिण दिशा में हैं. यहाँ खुद मैंने मुवायाना किया हैँ. हैं. यहाँ बर्षों से मेला लगता आ रहा हैं. इस जगह का नाम सरदार हबीब खान के नाम पर रखा गया था. 
रिजोर के राजा खुशाल सिंह  चौहान थे. इनके चाचा राजा डम्बर सिंह एटा के राजा थे. इन दोनों ने मिलकर 1857 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया. इन दोनों अंग्रेजो से बगाबत कर अपना राज्य गवा दिया. फिर खुशहाल सिंह ने अपने परिवार से अलग होकर खुशालगढ़ में किला बनाया. 

रिजोर राज्य -1857 में बिघटन व अंग्रेजो ने हथिया लिया और गुजारें के 12गॉव दिए 







सोंहार परगना में 36गॉव शामिल हैं 
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अकबर पुर -215045
अय्यार -
अम्बरपुर -
कंगरौली -215044
कुंवरपुर नगरिया -215028
गढ़िया सीलम -215034
जैतपुर -215029
जमालपुर -214880
जलालपुर संथाल -215026
जलालपुर पलरा -214871
ज्योरी -214879
दतौली -
दुन्नैया -
दासपुर 
देवपुरा -215033
नूरपुर -215030
 नगमई 
 नगला हुरिया -214975
नगला रंजन-215042
 नगरिया-215104
 नवादा -215036
नरौरी - 
पंच लहरा-214873
 फतेहपुरा-215022
 बिीरसिंहपुर-215022
 मैनाठेर -214876
मलावन-215039
 मुहम्मदपुर -215041
पुरना खेड़ा -
राजपुर -214878
रामनगर- 215035
रसूलपुर -215024
 लाखपुर -215025
सोंंसा -214877
सोंहार -214637
हरचंदपुर- 214874
 महुआ खेड़ा -215043
 इसमें मैनाठेर, सौंसा, व  सोंहार  ऐतिहासिक महत्व गॉव है.
लेखक
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भाष्कर भरत
गॉव -सुन्ना
जनपद -एटा

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Comments

Unknown said…
The information that you have posted about Rijor is absolutely wrong the Raj of Rijor and Sakeet was found founded by Raja Sakat singh in1245Ad it was a state till 1857 with annual revenue of 332760 dams see Ain A Akbari page 275.After the revolt ofRana Ratan singh against East India Company. It's status was reduced to Estate in1859Ad by the British and 42 vllages were left which remained til independence. 12villages were givenRaja Etah See.. Gazzet of 1876.and Golden book of India

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