#marehara etah

मारहरा गॉव, जनपद एटा (उ. प्र. )

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मारहरा गॉव किसी ज़माने में स्वरूप गंज हुआ करता था. 
एक दिन की बात है, स्वरुप सिंह नाम के जमींदार थे, उस ज़माने आस -पास कोई गॉव नहीं था, तब वहां पर बंजारे आकर रहने लगे, धीरे -धीरे  वह गॉव का रूप लेने लगा, तब खिलजी  काल मे राव स्वरूप सिंह (तब राजा की उपाधि, नरेश  )तब अपने नाम पर गांव का नाम स्वरुप गंज रख दिया था. कुछ बर्षो बाद एक दिन दिल्ली का सुल्तान  अलाउद्दीन खिलजी कारवां (सेना, पड़ाव )जा रहा था. बंजारों ने उन  पर हमला करके राशन, माल, खजाना लूट लिया. तब दिल्ही के दरबार में अलाउद्दीन खिलजी पता चला. तब उसे अपने गद्दी को को खतरे समझा. तो उसने स्वरुपगंज  की आबादी को कुचलने का आदेश (  फतवा )दिया, जाओ स्वरूपगंज को नष्ट करो. तत्कालीन खिलजी काल में स्वरूपगंज को नष्ट कर दिया गया. तब उसके एक सरदार ने आज्ञा लेकर जागीर जागीर प्राप्त कर ली. और उसने मारहरा ग्राम बसाया. मारहरा एक तुर्की शब्द है. 
मार -आबादी 
हरा -पुनरोद्धार, द्वारा से बसाया. 
तब मारहरा को 
मार -हरा  कहा जाता था, बाद में मारहरा का जाने लगा. 



भाष्करकुमार. भाष्करकुमार 
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लेखक -
भरत सिंह 
18/05/2019

Comments

Bharat singh said…
Best article about how much it would of been khad and the same time I am not going to be there in this case it would be nice information on how much I will get it for all.

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